पूर्ण संत का सत्संग

गुरु गुरु में भेद है गुरु गुरु में भाव ऐसा गुरु बनाया जो शब्द लखा दे दाव  आज तक सभी धर्मों के अंदर न जाने कितने धर्मगुरु आए और गए परंतु सभी धर्म गुरु अपनी अपनी धर्म की पूज्य बुक से अपरिचित थे यह सब पता चला सतगुरु संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान से जिन्होंने सभी धर्म ग्रंथों में कबीर परमात्मा ही पूज्य है दिखला दिया ऐसा ग्यान  कोई नहीं दे पाया जो अब मिला है अब तो मन को संतुष्टि भी हो गई कि यह धर्म ग्रंथ भी सत्य हैं सतगुरु रामपाल जी महाराज भी सत्य है और इस ज्ञान से पता चला जो आज तक हम धर्म गुरु माने बैठे थे वे अज्ञानी थे उन्हें धर्म का कोई अता पता नहीं था वह तो सिर्फ मीठी बातें बताना शास्त्र विधि त्याग के मनमाना आचरण कराना और दुनिया को उल्लू बना कर धन इकट्ठा करना इसी मकसद वाले थे यही कारण था कि संत रामपाल जी महाराज ने सब की सच्चाई दुनिया के सामने की और चारोंं ओर से नकलीयों ने विरोध शुरूूूूू कर दिया 

Comments

Popular posts from this blog

कबीर साहब के भगत दादू जी की वाणी

कबीर पंथ

संत कबीर