Who is supreme God

 वेदों में प्रमाण है पूर्ण परमात्मा कबीर परमेश्वर है रित धामा यानी सनातन परमधाम में अपने महल में तखत पर विराजमान है और वह जब जमीन पर लीला करने के लिए शिशु का रूप धारण करके सेशरीर आता है तो उसकी परवरिश की लीला कुंवारी गाय से होती है और यही लीला 600 साल पहले कबीर परमेश्वर ने काशी में कर रखी है जो सशरीर आए थे सशरीर गए और कबीर सागर मैं लिखा है उनकी परवरिश की लीला कुमारी गाय से हुई

 कबीर परमेश्वर ने जाती पाती का भेदभाव छुआछूत मिटाने का कार्य किया गलत साधना करने वाले साधकों का  अस्वीकार किया सत भक्ति का ज्ञान प्रचार किया जिसे दुनिया को लाभ मिलने लगे इसी कारण से कबीर परमेश्वर ने अपने 64 लाख शिष्य बना दिए थे जो सभी बुराइयों से बचकर सच्ची साधना में लग गए थे समाज में बहुत अच्छा बदलाव लाने का कार्य किया था अंधविश्वासों और अन शरदा भक्ति में लगे हुए लोगों को सत भक्ति में लगाया था कबीर साहब एक महान समाज सुधारक थे क्योंकि वे खुद परमात्मा थी रहमान थेपंडितों ने कबीर परमेश्वर से  वेदों के मंत्र बोलने को  कहा  तो परमात्मा ने एक बार  पंडितों को ऐसे  करके दिखलाया  कि सब पंडित  अपनी मान बड़ाई छोड़कर  सत भक्ति में लग गए  परमात्मा ने भैंसे पर थपकी लगादी और भेसे नेही वेदों के मंत्र बोल दिए यह लीला देख कर नकली साधक  शर्मागए और सत साधना स्वीकार की इस प्रकार कबीर जी ने  दुनिया के उपकार के लिए बहुत अच्छा काम किया  

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